Musk को पुतिन की सीधी चुनौती! 'रासवेट' इंटरनेट बदल देगा यूक्रेन युद्ध का नक्शा!

Oct 28, 2026
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Starlink को टक्कर देगा रूस का अपना इंटरनेट! पुतिन ने Elon Musk को बताया 'जीनियस', लेकिन कितनी तैयार है नई तकनीक?

Russia Starlink Rival: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को कहा कि उनका देश Elon Musk के Starlink जैसा अपना सैटेलाइट इंटरनेट सिस्टम तैयार कर रहा है। इस प्रोजेक्ट का नाम Rassvet है और रूस अब तक 30 से ज्यादा सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेज चुका है। दिलचस्प बात यह है कि पुतिन ने Musk को जीनियस बताते हुए माना कि रूस इस तकनीक में अभी शुरुआती कदम उठा रहा है।

मॉस्को में रूस-अफ्रीका समिट के दौरान पुतिन ने अपने देश के नए सैटेलाइट नेटवर्क की प्रगति की भी जानकारी ली। इस मौके पर रूस के डिजिटल विकास मंत्री मक्सुत शादायेव ने Rassvet प्रोजेक्ट के बारे में बताया। यह घोषणा ऐसे समय हुई है, जब रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध में सैटेलाइट इंटरनेट और ड्रोन कम्युनिकेशन की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण बनी हुई है।

 

पुतिन ने Elon Musk के बारे में क्या कहा?

रूस-अफ्रीका समिट के दौरान पुतिन को बताया गया कि देश ने Starlink जैसी इंटरनेट सेवा तैयार करने के लिए 30 से अधिक सैटेलाइट लॉन्च किए हैं। इस दौरान उन्होंने Elon Musk की तकनीकी कामयाबी की तारीफ की और उन्हें वास्तविक होनहार व्यक्ति बताया। पुतिन ने स्वीकार किया कि रूस अभी इस क्षेत्र में शुरुआती दौर में है। उनका कहना था कि देश ने स्वतंत्र रूप से इस तकनीक पर काम शुरू कर दिया है और अब सैटेलाइट की संख्या बढ़ाना अगली बड़ी चुनौती है। उन्होंने यह भी कहा कि रूस अंतरिक्ष में सैटेलाइट संचालन से जुड़े मुद्दों पर अमेरिकियों और Musk के संपर्क में है। हालांकि, इस बयान का मतलब यह नहीं है कि SpaceX और रूस के बीच Rassvet बनाने के लिए कोई औपचारिक तकनीकी हिस्सेदारी हो गई है। ऐसी किसी हिस्सेदारी की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।

 

क्या है Rassvet, जिसे रूस Starlink का विकल्प बना रहा है?

Rassvet रूस का प्रस्तावित Low Earth Orbit यानी LEO सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क है। इस अभियान पर रूसी कंपनी Bureau 1440 काम कर रही है। इसका उद्देश्य पृथ्वी की तुलनात्मक निचली कक्षा में बड़ी संख्या में सैटेलाइट स्थापित करके दूर के क्षेत्रों में इंटरनेट और संचार सेवाएं उपलब्ध कराना है। Starlink भी इसी नियम पर काम करता है। पारंपरिक सैटेलाइट इंटरनेट सिस्टम की तुलना में LEO नेटवर्क में सिग्नल को कम दूरी तय करनी पड़ती है। इससे डेटा ट्रांसमिशन में देरी यानी Latency कम हो सकती है। लेकिन केवल कुछ सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेज देना बहुत नहीं है। लगातार इंटरनेट कवरेज देने के लिए बड़ी संख्या में सैटेलाइट, ग्राउंड स्टेशन और उपयुक्त यूजर टर्मिनल की जरूरत होती है।

 

Rassvet के साथ रूस इसी चुनौती का सामना कर रहा है। 

रूस के 32 सैटेलाइट, लेकिन Starlink से कितना पीछे? ये भी जानना जरूरी है। रूस ने मार्च और जुलाई 2026 में दो लॉन्च के जरिए Rassvet के कुल 32 सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेजे थे। इसके मुकाबले Starlink के हजारों सैटेलाइट पहले से पृथ्वी की निचली कक्षा में मौजूद हैं। सितंबर में जारी किया गया Ars Technica की तकनीकी रिपोर्ट के अनुसार, Rassvet के कुछ सैटेलाइट अपनी निर्धारित कक्षा तक नहीं पहुंच पाए थे। कम से कम तीन सैटेलाइट में संभावित विफलता के संकेत मिले थे। इससे परियोजना की समयसीमा और तकनीकी विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं। रूस का लक्ष्य आने वाले वर्षों में सैकड़ों सैटेलाइट का नेटवर्क बनाना है। 2027 से सेवाएं शुरू करने की योजना का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, यह एक लक्ष्य है, न कि देशभर में पूर्ण व्यावसायिक सेवा शुरू हो जाने की पुष्टि। फिलहाल Rassvet को Starlink जितना लंबा-चौड़ा और लगातार काम करने वाला नेटवर्क मानना सही नहीं होगा।

 

यूक्रेन युद्ध में क्यों महत्वपूर्ण है Starlink जैसी तकनीक?

रूस-यूक्रेन युद्ध में सैटेलाइट इंटरनेट ने सैन्य संचार का महत्व बढ़ा दिया है। यूक्रेन ने Starlink का इस्तेमाल सैन्य यूनिट्स के बीच संपर्क, फील्ड कम्युनिकेशन और ड्रोन से जुड़े अभियानों में किया है।

इसका एक बड़ा फायदा यह है कि जब पारंपरिक मोबाइल नेटवर्क या जमीन पर मौजूद संचार व्यवस्था रुक जाए, तब भी कुछ परिस्थितियों में सैटेलाइट नेटवर्क से संपर्क बना रह सकता है।

रूस भी अपने घरेलू सिस्टम के जरिए विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम करना चाहता है। Rassvet के सैन्य इस्तेमाल को लेकर यूक्रेन ने चिंता जताई है। यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि ऐसा नेटवर्क भविष्य में रूस की ड्रोन और कम्युनिकेशन क्षमता बढ़ा सकता है। हालांकि, किसी संभावित सैन्य लाभ और वर्तमान में उपलब्ध वास्तविक तकनीकी क्षमता को अलग-अलग समझना जरूरी है।

अभी यह साबित नहीं हुआ है कि Rassvet बड़े पैमाने पर Starlink जैसी लगातार युद्धक्षेत्र संचार सेवा प्रदान कर सकता है।

 

क्या भविष्य में Starlink को मिल सकती है कड़ी टक्कर?

Rassvet की सफलता कई बातों पर निर्भर करेगी। सबसे पहले रूस को सैटेलाइट निर्माण और लॉन्च की रफ्तार बढ़ानी होगी। इसके साथ नेटवर्क की विश्वसनीयता, इंटरनेट स्पीड, कवरेज और परिचालन लागत महत्वपूर्ण रहेंगी। रूस के लिए घरेलू सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क रणनीतिक रूप से उपयोगी हो सकता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां सामान्य इंटरनेट पहुंच सीमित है। दूसरी तरफ Starlink के पास पहले से व्यापक नेटवर्क, वास्तविक ग्राहक उपयोग और कई वर्षों का संचालन अनुभव मौजूद है। इसलिए दोनों की तुलना अभी बराबरी के प्रतिस्पर्धियों के रूप में करना जल्दबाजी होगी। दूसरी बात जरूरी बात यह है कि अभी रूस यूक्रेन के साथ युद्ध में उलझा हुआ है और उनके सामने कई सारी और भी समस्याएं है जो रूस सुलझाने की कोशिश कर रहा है।

 

फिलहाल पुतिन का संदेश साफ है कि रूस अपना सैटेलाइट इंटरनेट सिस्टम विकसित करना चाहता है। लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि Rassvet कब तक पर्याप्त संख्या में सैटेलाइट तैनात करके विश्वसनीय इंटरनेट सेवा शुरू कर पाता है।

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Prinjay Mandani
लेखक एवं विश्लेषण

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