PM मोदी ने टैक्स राहत पर क्या कहा की? हॉल में छूट गई हंसी

Oct 22, 2026
(0)

PM मोदी ने ₹12 लाख की टैक्स राहत पर ऐसा क्या कह दिया? सुनकर हॉल में गूंज उठी हंसी!

PM Modi Income Tax Statement: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मिडिल क्लास को मिलने वाली इनकम टैक्स राहत पर दिया गया एक बयान चर्चा में है। NDTV World Summit 2026 से जुड़ी वीडियो क्लिप में मोदी ने कहा कि सरकार ने₹12 लाख तक की सालाना आय पर टैक्स राहत दी है, लेकिन लोगों को इसकी याद बार-बार दिलानी पड़ती है। उनके इस मजाकिया अंदाज ने कार्यक्रम में हल्का-फुल्का माहौल बना दिया।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी NDTV World Summit 2026 में ₹12 लाख तक की इनकम टैक्स राहत पर संबोधन देते हुए।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन के दौरान मिडिल क्लास की बचत और सरकार की टैक्स नीतियों का जिक्र किया। इसी बीच उन्होंने ₹12 लाख तक की कमाई पर मिलने वाली इनकम टैक्स राहत की बात छेड़ी। उनकी टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल किया जा रहा है। हालांकि, भाषण का यह हिस्सा केवल मजाक तक सीमित नहीं था। इसके जरिए प्रधानमंत्री अपनी सरकार की आर्थिक नीतियों और मिडिल क्लास को दिए गए लाभों की चर्चा कर रहे थे।

 

पीएम मोदी ने ऐसा क्या कहा कि लोग हंसने लगे?

NDTV की वीडियो क्लिप के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने ₹12 लाख तक की कमाई पर मिलने वाली टैक्स राहत का जिक्र करते हुए कहा कि यह बात लोगों को बार-बार याद दिलानी पड़ती है। उनकी टिप्पणी का अंदाज सामान्य सरकारी घोषणाओं से अलग और हल्का-फुल्का था। दरअसल, प्रधानमंत्री का कहना था कि सरकार ने मिडिल क्लास के लिए टैक्स का बोझ कम किया है, लेकिन कई बार लोगों को पहले की परेशानियां और अब मिलने वाली सुविधाएं याद नहीं रहतीं। इस बयान का राजनीतिक पहलू भी है। प्रधानमंत्री अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए यह संदेश दे रहे थे कि टैक्स राहत जैसे फैसलों का सीधा फायदा आम लोगों को मिल रहा है।

 

क्या सच में ₹12 लाख की कमाई पर कोई इनकम टैक्स नहीं लगता?

प्रधानमंत्री के बयान को समझने के लिए इनकम टैक्स के नियम जानना जरूरी है। केंद्रीय बजट 2025 में नई टैक्स व्यवस्था के तहत पात्र निवासी व्यक्तियों की ₹12 लाख तक की सामान्य करयोग्य आय पर टैक्स देनदारी शून्य करने का प्रावधान किया गया था। इसके लिए Section 87A के तहत अधिकतम ₹60,000 की टैक्स रिबेट मिलती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ₹12 लाख तक की कमाई पूरी तरह टैक्स स्लैब से बाहर हो गई है। नई टैक्स व्यवस्था में ₹4 लाख तक की कमाई पर टैक्स की दर शून्य है। इसके बाद अलग-अलग स्लैब के हिसाब से टैक्स की गणना होती है और पात्र लोगों को रिबेट के जरिए राहत मिलती है। पगारिया लोगों को ₹75,000 की स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलने के कारण सामान्य सैलरी आय ₹12.75 लाख तक होने पर भी टैक्स देनदारी शून्य हो सकती है। हालांकि, कुछ विशेष दर से टैक्स लगने वाली आय, जैसे कुछ तरह के कैपिटल गेन, पर यह रिबेट लागू नहीं होती।

 

मिडिल क्लास को लेकर पीएम मोदी का क्या संदेश है?

प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले भी कई कार्यक्रमों में इनकम टैक्स और GST सुधारों को मिडिल क्लास के लिए महत्वपूर्ण बता चुके हैं। सरकार का तर्क है कि टैक्स में राहत मिलने से लोगों की बचत बढ़ती है और उनके पास खर्च करने के लिए ज्यादा पैसा बचता है। दूसरी तरफ किसी परिवार की वास्तविक आर्थिक स्थिति सिर्फ इनकम टैक्स से तय नहीं होती। रोजमर्रा का खर्च, बच्चों की पढ़ाई, मकान का किराया और इलाज जैसी जरूरतें भी घरेलू बजट पर असर डालती हैं। ऐसे में टैक्स राहत को लेकर राजनीतिक चर्चा के साथ यह देखना भी जरूरी है कि अलग-अलग आय वर्गों को नियमों के तहत कितना वास्तविक लाभ मिल रहा है।

 

अब इस बयान से क्या समझना चाहिए?

प्रधानमंत्री मोदी का बयान किसी नई टैक्स छूट की घोषणा नहीं था। उन्होंने पहले से लागू ₹12 लाख तक की पात्र आय पर टैक्स राहत का जिक्र किया। उनके हल्के-फुल्के अंदाज ने भाषण के इस हिस्से को चर्चा में ला दिया, लेकिन टैक्सपेयर्स के लिए सबसे जरूरी बात नियमों को सही तरीके से समझना है। नई टैक्स व्यवस्था में ₹12 लाख तक की सामान्य करयोग्य आय पर रिबेट का लाभ मिलता है, जबकि विशेष आय और दूसरी टैक्स व्यवस्था के नियम अलग हो सकते हैं। फिलहाल इस बयान के साथ इनकम टैक्स की किसी नई दर या अतिरिक्त छूट की घोषणा नहीं की गई है।

भू-राजनीति और वैश्विक कूटनीति के सभी विश्लेषण

विश्व राजनीति, युद्ध संकट, रक्षा तकनीक और भारत की विदेश नीति से जुड़े सभी विस्तृत लेख पढ़ने के लिए हमारे मुख्य हब पर जाएं।

Research & Analysis by Prinjay Mandani

Making world politics and global facts easy for everyone. We turn complex international news into clear Hindi insights, helping you understand the world without borders.

6 Views

Comments

0
?