क्या पैसों की तंगी एक देश को अपने पुराने कानून बदलने पर मजबूर कर सकती है? यूक्रेन के मामले में जवाब है, हां। जंग से जूझ रहे इस देश में अब यूक्रेन पोर्न कानूनीकरण को लेकर बड़ी बहस छिड़ी है। सरकार को उम्मीद है कि इससे टैक्स के रूप में करोड़ों डॉलर मिल सकते हैं। यह पैसा सीधे ड्रोन और रक्षा जरूरतों पर खर्च होगा। आइए पूरी खबर समझते हैं।
यूक्रेन में पोर्न पर बैन क्यों लगा हुआ है?
यूक्रेन में पोर्न बनाना, रखना या बांटना अभी भी गैरकानूनी है। यह नियम 2003 के "सार्वजनिक नैतिकता संरक्षण" कानून से आता है। इसके तहत सात साल तक की जेल हो सकती है। यही वजह है कि यूक्रेन पोर्न कानूनीकरण की मांग अब और तेज हो गई है।
देश में हजारों कंटेंट क्रिएटर OnlyFans जैसी वेबसाइट पर काम करते हैं। अनुमान है कि करीब 15,000 मॉडल इस इंडस्ट्री से जुड़े हैं। लेकिन कानून के डर से वे हमेशा पुलिस से डरते रहते हैं। कई महिलाओं को पुलिस ने परेशान भी किया है। कुछ रिपोर्ट्स में तो यह भी सामने आया कि पुलिसवालों ने केस बंद करने के बदले महिलाओं से गलत मांगें भी कीं।
पिटीशन और राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की का जवाब क्या था?
यूक्रेन पोर्न कानूनीकरण की मांग नई नहीं है। साल 2022 में भी एक पिटीशन ने जरूरी हस्ताक्षर जुटा लिए थे। लेकिन तब राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने "सार्वजनिक नैतिकता" का हवाला देकर मामला टाल दिया था।
इस साल 2026 में एक नई पिटीशन को सिर्फ एक हफ्ते में 25,000 हस्ताक्षर मिल गए। इतने हस्ताक्षर मिलने पर राष्ट्रपति का जवाब देना जरूरी हो जाता है। इस बार ज़ेलेंस्की ने कहा कि संसद इस पर कानून बनाने पर विचार करेगी। यही बयान यूक्रेन पोर्न कानूनीकरण बिल को आगे बढ़ाने की एक बड़ी वजह बना।
यूक्रेन पोर्न कानूनीकरण की मांग क्यों उठी?
साल 2023 में यूक्रेन के करीब 7,900 लोगों ने OnlyFans से 131 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई की। यह जानकारी खुद कंपनी ने टैक्स विभाग को दी थी। इसके बाद टैक्स अधिकारी इन क्रिएटर्स से टैक्स मांगने लगे।
यहीं से एक अजीब समस्या शुरू हुई। अगर कोई क्रिएटर टैक्स भरता है, तो वह पोर्न कानून के तहत फंस सकता है। अगर टैक्स नहीं भरता, तो टैक्स चोरी का केस बनता है। सांसद यारोस्लाव ज़ेलेज़न्याक ने इसे "दुखद-हास्यास्पद" स्थिति बताया। यही उलझन यूक्रेन पोर्न कानूनीकरण बिल लाने की बड़ी वजह बनी।
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संसद में यूक्रेन पोर्न कानूनीकरण बिल की स्थिति क्या है?
यह बिल संसद की वित्त समिति के प्रमुख यारोस्लाव ज़ेलेज़न्याक ने ही तैयार किया है। असल में यह बिल पहली बार नवंबर 2024 में दर्ज हुआ था। दिसंबर 2024 में संसद की कानून प्रवर्तन समिति ने भी इसे समर्थन दिया। लेकिन उसके बाद भी लंबे समय तक इस पर वोटिंग नहीं हो पाई।
आखिरकार जुलाई 2026 में यह बिल पहली रीडिंग में पास हो गया। अब यह दूसरी और आखिरी रीडिंग का इंतजार कर रहा है।
बिल पास होने के बाद इसे संसद के अध्यक्ष और राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। हालांकि ज़ेलेज़न्याक खुद मानते हैं कि जीत पक्की नहीं है। सांसदों के बीच अभी भी मतभेद बने हुए हैं।
यूक्रेन पोर्न कानूनीकरण से बजट को कैसे फायदा होगा?
अनुमान है कि यूक्रेन पोर्न कानूनीकरण से हर साल करीब 25 मिलियन डॉलर का टैक्स मिल सकता है। ज़ेलेज़न्याक के मुताबिक, इतने पैसों से करीब 30,000 ड्रोन खरीदे जा सकते हैं। यह ड्रोन रूस के खिलाफ जंग में इस्तेमाल होंगे।
नीचे दी गई टेबल में मुख्य आंकड़े देखें:
| जानकारी | आंकड़ा |
| संभावित सालाना टैक्स | करीब 25 मिलियन डॉलर |
| इससे बनने वाले ड्रोन | करीब 30,000 |
| 2023 में OnlyFans कमाई | 131 मिलियन डॉलर+ |
| कमाई करने वाले क्रिएटर | करीब 7,900 |
| मौजूदा सजा का प्रावधान | 7 साल तक जेल |
इन आंकड़ों से साफ है कि यूक्रेन पोर्न कानूनीकरण सिर्फ एक सामाजिक मुद्दा नहीं, बल्कि आर्थिक फैसला भी है।
युद्ध के लिए क्राउडफंडिंग में भी निकला रास्ता
यूक्रेन में एक ग्रुप ने जंग के लिए पैसा जुटाने के मकसद से "TerOnlyFans" नाम से एक मुहिम शुरू की थी। इस मुहिम ने करीब 800,000 यूरो जुटा लिए। इसी तरह की कोशिशों ने भी यूक्रेन पोर्न कानूनीकरण की बहस को हवा दी।
OnlyFans की मालिक कंपनी में बड़ा हिस्सा लियोनिद रादविंस्की के पास है, जो खुद यूक्रेनी-अमेरिकी कारोबारी हैं। साल 2022 में यूक्रेन, Pornhub पर ट्रैफिक के मामले में दुनिया में 15वें नंबर पर था।
कौन कर रहा है इसका विरोध?
हर किसी को यह बिल पसंद नहीं है। पूर्व प्रधानमंत्री यूलिया टिमोशेंको ने खुलकर विरोध किया है। उन्होंने कहा कि इससे यूक्रेन "पॉर्नहब" जैसा देश बन जाएगा।
यूक्रेन एक रूढ़िवादी समाज माना जाता है। इसलिए यूक्रेन पोर्न कानूनीकरण को लेकर आम जनता की राय भी बंटी हुई है। कुछ लोग इसे जरूरी सुधार मानते हैं, तो कुछ इसे नैतिक मुद्दा मानते हैं।
बिल में क्या सुरक्षा उपाय शामिल हैं?
यह बिल हर तरह के पोर्न को कानूनी नहीं बनाता। इसमें साफ शर्तें रखी गई हैं।
- सिर्फ बालिग लोगों की सहमति से बना कंटेंट कानूनी होगा
- रिवेंज पोर्न पर सजा जारी रहेगी
- डीपफेक पोर्न अब भी अपराध माना जाएगा
- बच्चों से जुड़ा कोई भी कंटेंट पूरी तरह बैन रहेगा
- नाबालिगों को कंटेंट बेचना गैरकानूनी ही रहेगा
यानी यूक्रेन पोर्न कानूनीकरण का मकसद सिर्फ बालिग क्रिएटर्स को सुरक्षा देना और टैक्स सिस्टम को साफ करना है।
आगे क्या होगा?
अभी यूक्रेन पोर्न कानूनीकरण बिल पर आखिरी फैसला बाकी है। दूसरी रीडिंग में इसे पास होना जरूरी है। इसके बाद ही यह कानून बन पाएगा।
जंग के इस दौर में यूक्रेन के पास पैसों की भारी कमी है। ऐसे में सरकार हर संभव रास्ता तलाश रही है। यूक्रेन पोर्न कानूनीकरण उसी कोशिश का हिस्सा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. यूक्रेन पोर्न कानूनीकरण बिल किसने पेश किया?
यह बिल संसद की वित्त समिति के प्रमुख यारोस्लाव ज़ेलेज़न्याक ने पेश किया है।
2. यूक्रेन में अभी पोर्न पर क्या सजा है?
मौजूदा कानून के तहत पोर्न बनाने या बांटने पर सात साल तक की जेल हो सकती है।
3. यूक्रेन पोर्न कानूनीकरण से सरकार को कितना फायदा होगा?
अनुमान है कि इससे हर साल करीब 25 मिलियन डॉलर का टैक्स मिल सकता है।
4. क्या यह बिल हर तरह के पोर्न को कानूनी बना देगा?
नहीं, बच्चों से जुड़ा कंटेंट, रिवेंज पोर्न और डीपफेक पोर्न अब भी अपराध माने जाएंगे।
5. यूक्रेन पोर्न कानूनीकरण बिल का विरोध कौन कर रहा है?
पूर्व प्रधानमंत्री यूलिया टिमोशेंको जैसे कई नेता इस बिल का खुलकर विरोध कर रहे हैं।