अज़रबैजान में चीनी का आयात 8.3% बढ़ा, 9 महीनों में 221 मिलियन डॉलर की खरीद; निर्यात में भी जबरदस्त तेजी
अज़रबैजान Sugar Import 2026: अज़रबैजान ने जनवरी से सितंबर 2026 के बीच 221.3 मिलियन डॉलर की चीनी और उससे बने कन्फेक्शनरी उत्पादों का आयात किया है। यह पिछले साल की समान समय से 8.3% ज्यादा है। खास बात यह है कि देश का चीनी उत्पादों का Export भी 2.4 गुना बढ़कर 114.8 मिलियन डॉलर पहुंच गया। ये आंकड़े देश की State Customs Committee ने जारी किए हैं।
अज़रबैजान ने 9 महीनों में कितनी चीनी खरीदी?
अज़रबैजान की राजधानी बाकू से सामने आए व्यापार आंकड़ों के मुताबिक, देश ने 2026 के पहले नौ महीनों में चीनी और कन्फेक्शनरी उत्पादों के निर्यात पर 221.264 मिलियन डॉलर खर्च किए। पिछले साल यानी जनवरी-सितंबर 2025 की तुलना में यह 8.3% की बढ़ोतरी है।
देश के कुल निर्यात में चीनी और उससे जुड़े उत्पादों की हिस्सेदारी 1.66% रही। हालांकि, यह आंकड़ा केवल सामान्य खाने वाली चीनी का नहीं है। इसमें चीनी से बने कन्फेक्शनरी उत्पाद भी शामिल हैं।
इसलिए 221.3 मिलियन डॉलर को अकेले कच्ची या सफेद चीनी के निर्यात का आंकड़ा समझना सही नहीं होगा।
चीनी निर्यात में 2.4 गुना बढ़ोतरी
निर्यात बढ़ने के साथ अज़रबैजान ने चीनी उत्पादों के निर्यात में भी बड़ी तेजी दर्ज की है। State Customs Committee के अनुसार, जनवरी से सितंबर 2026 के दौरान देश ने 114.803 मिलियन डॉलर की चीनी और कन्फेक्शनरी उत्पादों का निर्यात किया।
यह पिछले साल की इसी समय से लगभग 2.4 गुना ज्यादा है। देश के कुल निर्यात में इन उत्पादों की हिस्सेदारी 0.48% रही। अज़रबैजान के लिए यह बदलाव ज़रूरी है, क्योंकि देश की अर्थव्यवस्था लंबे समय से तेल और गैस निर्यात पर काफी निर्भर रही है। चीनी जैसे गैर-तेल उत्पादों का निर्यात बढ़ना अर्थव्यवस्था में विविधता लाने की दिशा में सकारात्मक संकेत हो सकता है। हालांकि, इस बढ़ोतरी को लंबे समय की सफलता मानने के लिए अगले महीनों के आंकड़े भी देखने होंगे।
अज़रबैजान का कुल विदेशी व्यापार कितना रहा?
चीनी कारोबार के अलावा अज़रबैजान के कुल विदेशी व्यापार में भी बढ़ोतरी हुई है। जनवरी से सितंबर 2026 के दौरान देश का कुल विदेशी व्यापार 37.211 अरब डॉलर पहुंच गया। यह पिछले साल की समान अवधि से 5.2% ज्यादा है। इस दौरान कुल निर्यात 23.865 अरब डॉलर और निर्यात 13.346 अरब डॉलर दर्ज किया गया। आंकड़ों के अनुसार, कुल Export में 28.3% की बढ़ोतरी हुई, जबकि कुल आयात में 20.4% की गिरावट आई। यानी एक तरफ देश का कुल निर्यात घटा है, लेकिन चीनी और कन्फेक्शनरी उत्पादों के आयात में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। इससे पता चलता है कि सभी व्यापारिक क्षेत्रों में एक जैसा बदलाव नहीं हो रहा है।
चीनी का आयात और निर्यात एक साथ क्यों बढ़ रहा है?
किसी देश में चीनी का आयात और निर्यात एक साथ बढ़ना अपने आप में असामान्य नहीं है। उद्योगों को अलग-अलग प्रकार की चीनी, कच्चे माल और तैयार उत्पादों की जरूरत हो सकती है। कुछ कंपनियां कच्ची चीनी निर्यात करके उसकी प्रोसेसिंग के बाद दूसरे देशों को निर्यात भी करती हैं। अज़रबैजान में भी चीनी उत्पादन और कच्चे माल की खरीद में तेजी दर्ज की गई है। स्थानीय बिजनेस रिपोर्ट्स के मुताबिक, जनवरी-सितंबर 2026 में देश का चीनी उत्पादन सालाना आधार पर 24.1% बढ़कर लगभग 3.61 लाख टन पहुंच गया। हालांकि, मौजूद व्यापार आंकड़ों से यह तय नहीं किया जा सकता कि 8.3% आयात वृद्धि का मुख्य कारण घरेलू मांग, अंतरराष्ट्रीय कीमतें या औद्योगिक प्रोसेसिंग में से कौन-सा रहा। इसके लिए उत्पादों की मात्रा, कीमत और अलग-अलग श्रेणियों के विस्तृत आंकड़ों की जरूरत होगी।
अब आगे क्या?
अज़रबैजान के ताजा आंकड़े बताते हैं कि 2026 के पहले नौ महीनों में चीनी और कन्फेक्शनरी उत्पादों का आयात बढ़ा है, जबकि निर्यात उससे भी तेज गति से बढ़ा। आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि निर्यात की यह तेजी जारी रहती है या नहीं और घरेलू उत्पादन बढ़ने से आयात पर कितना असर पड़ता है। फिलहाल जनवरी-सितंबर 2026 के आंकड़ों में चीनी से जुड़े कारोबार की दोनों दिशाओं में बढ़ोतरी दर्ज हुई है।