माइक्रोसॉफ्ट ने दिया हजारों कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने का ऑफर!

Oct 27, 2026
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Microsoft ने दिया हज़ारो कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने का ऑफर! आखिर AI पर अरबों खर्च के बीच कंपनी ने क्यों लिया यह फैसला?

Microsoft Voluntary Exit Offer: दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी Microsoft ने लगभग 60,000 कर्मचारियों को अपनी मर्जी से नौकरी छोड़ने का ऑप्शन दिया है। इस फैसले में भारत के कर्मचारी भी शामिल हैं। कंपनी ने 26 अक्टूबर 2026 को Voluntary Exit Offer (VEO) की घोषणा की, जिसके तहत पात्र कर्मचारियों को आर्थिक सहायता के साथ कंपनी छोड़ने का अवसर मिलेगा। यह कदम ऐसे समय में आया है, जब Microsoft आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर पर भारी निवेश कर रही है। Microsoft के इस फैसले ने टेक इंडस्ट्री में कर्मचारियों की नौकरी और AI के बढ़ते दबदबे को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।

हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह कार्यक्रम पूरी तरह स्वैच्छिक है। यानी ऑफर मिलने का मतलब यह नहीं कि संबंधित कर्मचारी की नौकरी चली गई है।

 

Microsoft ने 60,000 कर्मचारियों को क्यों दे रहा है नौकरी छोड़ने का विकल्प?

Microsoft की Chief People Officer एमी कोलमैन (Amy Coleman) ने 26 अक्टूबर को कर्मचारियों के लिए जारी एक जायज संदेश में नए Voluntary Exit Offer की जानकारी दी। इस प्रोग्राम के तहत पात्र कर्मचारी अपनी इच्छा से कंपनी छोड़ने का फैसला कर सकते हैं। ऐसा करने पर उन्हें आर्थिक मदद और आगे के करियर की योजना बनाने के लिए संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। कंपनी का कहना है कि इस नए कदम से टीमों को बिजनेस की बदलती जरूरतों के हिसाब से ढालना और भी आसान और फ्लेक्सिबल हो जाएगा।

Microsoft ने अपने आधिकारिक बयान में 60,000 कर्मचारियों को निकालने की घोषणा नहीं की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लगभग 60,000 कर्मचारी इस ऑफर के लिए पात्र हैं। जून 2026 के अंत में Microsoft के दुनिया भर में लगभग 2.23 लाख full-time कर्मचारी थे। ऐसे में यह ऑफर कंपनी के कुल कर्मचारियों के लगभग 27 प्रतिशत तक पहुंचता है। कितने कर्मचारी सही में में इसे स्वीकार करेंगे, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

 

Microsoft Buyout क्या है और किन कर्मचारियों को मिलेगा?

Microsoft Voluntary Exit Offer एक सीमित समय का कार्यक्रम है। इसमें सभी कर्मचारियों को शामिल नहीं किया गया है। कंपनी के आधिकारिक बयान के मुताबिक, यह ऑफर चार देशों की चुनिंदा टीमों के पात्र कर्मचारियों के लिए उपलब्ध है।

देशऑफर की स्थिति
भारतपात्र टीमों के कर्मचारियों के लिए
अमेरिकापात्र टीमों के कर्मचारियों के लिए
ब्रिटेनपात्र टीमों के कर्मचारियों के लिए
कनाडापात्र टीमों के कर्मचारियों के लिए

कंपनी ने बताया है कि आंतरिक कर्मचारी स्तर 70 और उससे नीचे के पात्र कर्मचारियों को यह विकल्प दिया जाएगा। इसमें कुछ वरिष्ठ कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं। AI Experiences, Copilot, Finance, Human Resources, Xbox और Windows & Devices जैसी टीमों के कुछ कर्मचारी इस कार्यक्रम में शामिल बताए गए हैं। वहीं, Sales, Marketing और कुछ Data Center से जुड़ी भूमिकाएं इसके दायरे से बाहर हैं।

पात्र कर्मचारियों को कंपनी की ओर से ईमेल भेजकर उनके ऑफर का कच्चा-चिट्ठा दिया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस ऑफर को स्वीकार करने वाले कर्मचारियों को सामान्य severance package जैसी आर्थिक सहायता मिल सकती है। हालांकि, हर कर्मचारी के लिए भुगतान की रकम समान होगी, ऐसा नहीं कहा गया है।

 

AI और Data Center पर भारी खर्च करने के बीच क्यों चर्चा में है फैसला?

Microsoft का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है, जब कंपनी Artificial Intelligence में बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है। AI मॉडल, क्लाउड सेवाओं और डेटा सेंटर को विकसित करने के लिए बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती है। इसके अलावा बिजली, सर्वर और तकनीकी उपकरणों की जरूरत भी लगातार बढ़ रही है। Microsoft के AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते निवेश के बीच निवेशक कंपनी के खर्च और भविष्य के रिटर्न पर नजर रख रहे हैं।

ऐसे माहौल में कर्मचारियों को voluntary buyout देने का कदम लागत प्रबंधन और संगठन में बदलाव की रणनीति से जोड़ा जा रहा है। हालांकि, कंपनी के आधिकारिक संदेश में यह नहीं कहा गया कि कर्मचारियों को AI से बदलने के लिए यह ऑफर लाया गया है। इसलिए Microsoft Buyouts को सीधे AI के कारण 60,000 नौकरियों के खत्म होने का प्रमाण मानना गलत होगा। इस साल कंपनी पहले भी स्वैच्छिक रिटायरमेंट कार्यक्रम चला चुकी है। जुलाई 2026 में उसने लगभग 4,800 नौकरियां ख़त्म करने की घोषणा भी की थी।

 

भारत के माइक्रोसॉफ्ट कर्मचारियों पर क्या असर हो सकता है?

इस घोषणा में भारत का नाम शामिल होने से यहां काम करने वाले Microsoft कर्मचारियों के लिए भी यह खबर महत्वपूर्ण है। लेकिन भारत में कितने कर्मचारियों को ऑफर मिलेगा और कितने लोग इसे स्वीकार करेंगे, इसका अलग पक्का  आंकड़ा सामने नहीं आया है। कंपनी ने साफ किया है कि हर विभाग इस कार्यक्रम में भाग नहीं ले रहा है। इसलिए Microsoft में काम करने वाले सभी भारतीय कर्मचारियों पर एक जैसा असर नहीं पड़ेगा। जिन कर्मचारियों को ऑफर मिलेगा, वे आर्थिक सहायता, भविष्य की नौकरी की संभावनाओं और अपनी व्यक्तिगत परिस्थितियों को ध्यान में रखकर निर्णय ले सकेंगे। Microsoft H1B कर्मचारियों के लिए भी नौकरी में बदलाव वीजा संबंधी सवाल खड़े कर सकता है, लेकिन इस घोषणा में H-1B वीजा धारकों के लिए किसी अलग नीति की पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल कर्मचारियों के लिए सबसे जरूरी बात कंपनी के आधिकारिक ईमेल और ऑफर की शर्तों को समझना है।

अब आगे क्या हो सकता है?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पात्र कर्मचारियों को दिसंबर की शुरुआत तक निर्णय लेना पड़ सकता है और ऑफर स्वीकार करने वालों का कंपनी से अलग होना वर्ष के अंत में निर्धारित हो सकता है। हालांकि, प्रत्येक कर्मचारी को दी गई आधिकारिक शर्तें ही अंतिम मानी जानी चाहिए।

फिलहाल Microsoft ने करीब 60,000 लोगों के लिए नौकरी छोड़ने का विकल्प खोला है। वास्तविक रूप से कितने कर्मचारी कंपनी छोड़ेंगे, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

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Prinjay Mandani
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