अभिजीत दीपके का बड़ा बयान: 'आंदोलन में मैं नहीं, ये दो लोग निभा रहे थे बड़ी भूमिका', CJP प्रदर्शन पर नया खुलासा
Abhijeet Dipke News: दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर चर्चा में आए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आंदोलन की लीडरशिप को लेकर बड़ा बयान दिया है। दीपके ने बताया कि इस आंदोलन को आगे बढ़ाने में उनके दो साथियों, सौरव दास और आशुतोष रांका की अहम भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि वह खुद भी दोनों के निर्देशों के अनुसार काम कर रहे थे।
दीपके के इस बयान के बाद सवाल उठने लगे हैं कि आखिर CJP आंदोलन की रणनीति तैयार करने में किसकी सबसे बड़ी भूमिका थी?
अभिजीत दीपके ने क्या कहा?
20 अक्टूबर 2026 को जारी एक वीडियो संदेश में अभिजीत दीपके ने जेल में बंद सौरव दास और आशुतोष रांका की जमकर तारीफ की।
उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान दोनों ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं और वह उनके बताए रास्ते पर चलते रहे।
दीपके ने दोनों कार्यकर्ताओं को साहसी बताते हुए कहा कि जेल जाने के बाद भी उनके हौसले कमजोर नहीं हुए हैं।
हालांकि, उन्होंने यह दावा नहीं किया कि आंदोलन के पीछे कोई गुप्त संगठन या राजनीतिक पार्टी है। उनका बयान मुख्य रूप से अपने साथियों के योगदान को लेकर था।
कौन हैं सौरव दास और आशुतोष रांका?
सौरव दास और आशुतोष रांका CJP आंदोलन से जुड़े प्रमुख कार्यकर्ता हैं। दोनों को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़े मामले में 13 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था।
19 अक्टूबर को दोनों की न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ा दी गई थी। दीपके ने अपने संदेश में दोनों के लिए समर्थन जताया और उनके आंदोलन में योगदान को महत्वपूर्ण बताया। दिवाली तक प्रदर्शन नहीं करने की अपील
अभिजीत दीपके ने अपने समर्थकों से दिवाली तक किसी नए प्रदर्शन में शामिल न होने की अपील भी की है।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियों के कारण कार्यकर्ताओं के परिवार परेशान हैं। ऐसे में सभी को कुछ समय अपने परिवार के साथ बिताना चाहिए।
इसके साथ ही दीपके ने समर्थकों से शांति और अहिंसा बनाए रखने की अपील की। हालांकि, उन्होंने CJP आंदोलन को स्थायी रूप से समाप्त करने की घोषणा नहीं की है।
पहले तिरंगा मार्च के दौरान हुई थी हिरासत
इससे पहले 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस में CJP के तिरंगा मार्च के दौरान अभिजीत दीपके और नेहा बोरा सहित कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था।
इसके बाद दिल्ली में CJP प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया था।
अब CJP आंदोलन का आगे क्या होगा?
दीपके के ताजा बयान से यह साफ होता है कि CJP आंदोलन में केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि कई कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
फिलहाल सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत तथा दिवाली तक प्रदर्शन रोकने की अपील के बाद आंदोलन की अगली रणनीति को लेकर सवाल बने हुए हैं।
अब देखना होगा कि दिवाली के बाद CJP किस तरह अपनी गतिविधियां आगे बढ़ाती है। राजनीति और देश की बड़ी खबरों के लिए पढ़ते रहें InfoSagar.in — The Ocean of Information।