हूतियों ने सऊदी अरब से मांगे 51 अरब डॉलर, युद्ध रोकने के बदले यमन की सत्ता पर मान्यता देने की भी शर्त
Houthis Saudi Arabia News: यमन के हूती ग्रुप ने सऊदी अरब से लड़ाई खत्म करने के बदले 51 अरब डॉलर मांगे हैं. और हूतियों ने यह भी मांग रखी है कि उन्हें Official तौर पर यमन की सरकार माना जाए. अमेरिकी अखबार The Wall Street Journal (WSJ) ने 5 नवंबर 2026 को अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी. हालांकि, सऊदी अरब ने इन मांगों को मान लिया है, ऐसी कोई Official Confirmation नहीं हुई है. मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच सऊदी अरब और हूतियों के बीच Peace Deal को लेकर नई खबर सामने आई है. The Wall Street Journal की रिपोर्ट के अनुसार, हूती संगठन ने लड़ाई खत्म करने के लिए पैसों और राजनीति से जुड़ी कुछ शर्तें रखी हैं. इनमें पिछले कई सालों की लड़ाई में हुए नुकसान के बदले 51 अरब डॉलर मांगे हैं.
WSJ की रिपोर्ट के मुताबिक, हूतियों ने सऊदी अरब से 51 अरब डॉलर का मुआवजा मांगा है.
युद्ध रोकने के बदले हूतियों की दो बड़ी मांगें
हूतियों का कहना है कि सऊदी अरब की अगुवाई में हुई सेना की कार्रवाई और नाकाबंदी से जो नुकसान हुआ, उसके बदले उन्हें यह पैसा चाहिए. इसके साथ ही हूतियों ने यमन में अपने शासन को औपचारिक मान्यता देने की शर्त भी रखी है. हूती ग्रुप का अभी यमन की राजधानी सना और देश के कई दूसरे इलाकों पर कब्जा है. हालांकि,दुनिया के कई देश जिस सरकार को यमन की Official Government मानते हैं, वह हूतियों से अलग है. रिपोर्ट में इन शर्तों का जिक्र किया गया है, लेकिन फिलहाल अभी तक कोई Final Deal नहीं हुई है.
सऊदी अरब और हूतियों के बीच लंबे समय से संघर्ष
यमन में हूती आंदोलन और सरकार के बीच संघर्ष कई वर्षों से जारी है. 2014 में हूती लड़ाकों ने राजधानी सना पर नियंत्रण कर लिया था. इसके बाद 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने यमन में हस्तक्षेप शुरू किया. इसके बाद इसके बाद दोनों तरफ से लड़ाई हुई और हवाई हमले भी होते रहे. 2022 में United Nations की मदद से दोनों पक्षों के बीच Ceasefire हुआ था, जिससे कुछ समय तक बड़ी लड़ाई और हमले कम हो गए थे. हालांकि, लंबे समय तक चलने वाली कोई Peace Deal नहीं हो पाई.
हालिया रिपोर्टों में हूतियों की ओर से मुआवजे के अलावा रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि हूती Ports और Airports पर लगी कुछ पाबंदियां हटवाना चाहते हैं. प्रतिबंध हटाने जैसी मांगों का भी उल्लेख किया गया है.
सऊदी अरब ने क्या जवाब दिया?
5 नवंबर तक उपलब्ध रिपोर्ट के आधार पर सऊदी अरब द्वारा 51 अरब डॉलर देने या हूतियों को यमन के शासक के रूप में मान्यता देने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. सऊदी अरब और हूतियों के बीच कोई Deal होगी या नहीं, यह अभी साफ नहीं है.
फिलहाल 51 अरब डॉलर और राजनीतिक मान्यता हूतियों की रिपोर्ट की गई मांगें हैं. इसका मतलब यह नहीं कि सऊदी अरब ने हूतियों की मांगें मान ली हैं.