Dammam Airport Attack: सऊदी अरब के एयरपोर्ट पर बड़ा हमला, एक भारतीय समेत 2 की मौत, 8 घायल
Attack on Dammam Airport: सऊदी अरब के दम्माम शहर में किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 की शाम बड़ा हमला हुआ। भारतीय दूतावास के हवाले से आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस घटना में एक भारतीय नागरिक समेत दो लोगों की मौत हुई है, जबकि आठ लोग घायल हैं। घायलों में दो भारतीय भी शामिल हैं। हमले के बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा और उड़ानों को लेकर चिंता बढ़ गई है।
सऊदी अरब की सिविल एविएशन अथॉरिटी (GACA) ने शुरुआत में एक व्यक्ति की मौत और आठ लोगों के घायल होने की जानकारी दी थी। बाद में भारतीय दूतावास के हवाले से दी रिपोर्ट्स में दो मौतों की बात सामने आई। अधिकारी नुकसान की जाँच-पड़ताल कर रहे हैं।
दम्माम एयरपोर्ट पर हमला कैसे हुआ?
यह हमला सऊदी अरब के पूर्वी हिस्से में स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुआ। एयरपोर्ट को निशाना बनाए जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियां और इमरजेंसी टीमें सक्रिय हो गईं। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, हमले में एयरपोर्ट की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। घायल लोगों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई गई है। हालांकि, अधिकारियों ने शुरुआती बयान में यह स्पष्ट नहीं किया कि हमला मिसाइल, ड्रोन या किसी दूसरे हथियार से किया गया था। हमले के बाद कुछ विमानों का रास्ता बदला गया। एयरपोर्ट के संचालन में भी अस्थायी बाधा आई। बाद की रिपोर्ट्स में उड़ानों के फिर शुरू होने की जानकारी दी गई है।
एक भारतीय की मौत, दो घायल; दूतावास ने शुरू की मदद
दम्माम एयरपोर्ट पर हुए हमले का असर भारत पर भी पड़ा है। भारतीय दूतावास के हवाले से आई रिपोर्ट्स के अनुसार, मृतकों में एक भारतीय नागरिक शामिल है। इसके अलावा दो भारतीय घायल हुए हैं। दूतावास ने प्रभावित परिवारों से संपर्क करने और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई शुरू की है। इस घटना ने खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सऊदी अरब में बड़ी संख्या में भारतीय रोजगार और कारोबार के लिए रहते हैं। ऐसे में एयरपोर्ट तथा दूसरी नागरिक सुविधाओं पर लगातार हो रहे हमले वहां रहने वाले भारतीयों और उनके परिवारों के लिए चिंता का विषय हैं।
क्या हूती विद्रोहियों ने किया हमला?
दम्माम एयरपोर्ट पर हमले की घटना ऐसे समय हुई है, जब सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। पिछले कुछ दिनों में हूती समूह ने सऊदी अरब के हवाई अड्डों और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाने के दावे किए हैं। 11 अक्टूबर को भी दम्माम के किंग फहद एयरपोर्ट पर हमला हुआ था। उस समय हूती सैन्य प्रतिनिधि याह्या सरी ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था।
हालांकि, 21 अक्टूबर के ताजा हमले की जिम्मेदारी किसने ली, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे सीधे हूती विद्रोहियों का हमला बताना अभी सही नहीं होगा। सऊदी सुरक्षा बल क्षेत्र में ड्रोन और दूसरे हवाई खतरों से निपटने के लिए लगातार कार्रवाई कर रहे हैं।
सऊदी अरब के तेल ठिकाने भी निशाने पर
एयरपोर्ट पर हमले से पहले बुधवार को सऊदी अरब के शायबह ऑयल फील्ड के पास भी गंभीर घटना हुई। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक, एक ड्रोन को हवा में रोकने के बाद उसका मलबा नीचे गिरा, जिससे दो लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हुए। मलबे के कारण एक वाहन में आग भी लगी थी। हालांकि, अधिकारियों के अनुसार तेल क्षेत्र का संचालन प्रभावित नहीं हुआ।
इन घटनाओं से साफ है कि मौजूदा क्षेत्रीय संघर्ष केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहा है। नागरिक हवाई अड्डों और तेल से जुड़े बुनियादी ढांचे की सुरक्षा भी बड़ी चुनौती बन गई है। भारत के लिए यह स्थिति महत्वपूर्ण है, क्योंकि खाड़ी क्षेत्र भारतीय प्रवासियों के रोजगार और देश की ऊर्जा जरूरतों से जुड़ा हुआ है।
अब क्या है ताजा स्थिति?
दम्माम एयरपोर्ट हमले के बाद सऊदी अधिकारी नुकसान की जांच और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं। भारतीय दूतावास प्रभावित भारतीयों की सहायता के लिए स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है। एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन फिर शुरू होने की रिपोर्ट है, लेकिन यात्रियों को अपनी एयरलाइन से फ्लाइट की ताजा स्थिति की पुष्टि करनी चाहिए। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि 21 अक्टूबर के हमले के पीछे कौन था और क्या सऊदी अरब के नागरिक हवाई अड्डों को आगे भी ऐसे हमलों का सामना करना पड़ेगा।
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