Operation Sindoor में इस्तेमाल हुए पोलैंड के ड्रोन! PM डोनाल्ड टस्क ने मोदी के सामने बताई बड़ी बात
India Poland Defence News: भारत के ऑपरेशन सिंदूर में पोलैंड के ड्रोन इस्तेमाल होने का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। 22 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने अपने देश के ड्रोन की उपयोगिता का जिक्र किया। इससे पहले पोलैंड के राजदूत भी पुष्टि कर चुके हैं कि भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान Polish-made drones का इस्तेमाल किया था। दोनों प्रधानमंत्रियों की बातचीत में डिफेंस टेक्नोलॉजी, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा में सहयोग बढ़ाने पर भी बात बनी।
डोनाल्ड टस्क ने Polish Drones को लेकर क्या कहा?
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे हैं। गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत के बाद उन्होंने पोलैंड की डिफेंस टेक्नोलॉजी और दोनों देशों के सहयोग पर बात की। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, टस्क ने पोलैंड के ड्रोन को बहुत उपयोगी बताया। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब भारतीय सेना में Polish-made drones की भूमिका पहले से चर्चा में है। दोनों नेताओं ने रक्षा उपकरणों के संयुक्त विकास और निर्माण की संभावनाओं पर भी बातचीत की। प्रधानमंत्री मोदी ने पोलैंड की कंपनियों को भारत के डिफेंस, स्पेस और न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर में संयुक्त उत्पादन के लिए आमंत्रित किया।
Operation Sindoor में पोलैंड के ड्रोन कैसे इस्तेमाल हुए?
भारत ने मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। और पाकिस्तानी सेना की कमर तोड़ दी थी। इस सैन्य अभियान के दौरान अलग-अलग तरह के ड्रोन और सटीक निशाना लगाने वाले हथियारों का इस्तेमाल हुआ। फरवरी 2026 में भारत में पोलैंड के राजदूत प्योत्र एंटोनी श्विताल्स्की ने ThePrint को दिए इंटरव्यू में बताया था कि भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर में पोलैंड के ड्रोन इस्तेमाल किए थे। अगस्त 2026 में उन्होंने फिर इस विषय पर बात की। राजदूत ने कहा कि शुरुआती कार्रवाई के दौरान कुछ Polish drones गिराए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। उनका अनुमान था कि कुछ ड्रोन मुख्य हमलावर हथियारों के बजाय डिकॉय यानी दुश्मन के डिफेंस सिस्टम का ध्यान भटकाने वाले ड्रोन या ट्रेनिंग प्लेटफॉर्म हो सकते थे। यह राजदूत का आकलन था। भारतीय सेना ने उन ड्रोन की पूरी ऑपरेशनल भूमिका का सार्वजनिक विवरण जारी नहीं किया है।
क्या खासियत है पोलैंड के Warmate Drones में?
पोलैंड की WB Group कंपनी अपने Warmate Loitering Munition सिस्टम के लिए जानी जाती है। इसे आम भाषा में Kamikaze Drone भी कहा जाता है। ऐसे ड्रोन किसी इलाके में उड़कर target की पहचान कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर उसे निशाना बना सकते हैं। भारतीय सेना पहले ही पोलैंड के Warmate सिस्टम खरीद चुकी है। इसके अलावा पोलैंड के FlyEye निगरानी ड्रोन भी सैन्य सहयोग का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन तकनीकों का फायदा यह है कि सेना बिना किसी पायलट को जोखिम में डाले निगरानी और सीमित हमले कर सकती है। हालांकि, हर ड्रोन की क्षमता उसके मॉडल, पेलोड, कम्युनिकेशन सिस्टम और ऑपरेशनल परिस्थितियों पर निर्भर करती है।
भारत और पोलैंड के बीच डिफेंस डील क्यों अहम है?
भारत अपनी रक्षा जरूरतों के लिए विदेशी तकनीक खरीदने के साथ देश में हथियारों के निर्माण पर भी जोर दे रहा है। पोलैंड इस दिशा में महत्वपूर्ण साझेदार बन सकता है। पोलैंड की WB Group का भारत में संयुक्त उद्यम मौजूद है। कंपनी उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में उत्पादन क्षमता विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। इससे भविष्य में भारतीय सेना के लिए ड्रोन सिस्टम के निर्माण, मरम्मत और तकनीकी अपग्रेड में सहयोग बढ़ सकता है। पोलैंड को रूस-यूक्रेन युद्ध से ड्रोन युद्ध की बदलती रणनीति का भी अनुभव मिला है। भारत के लिए इस सहयोग का महत्व केवल नए हथियार खरीदना नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक को देश में विकसित करना भी है।
अब आगे क्या होगा?
22 अक्टूबर की बैठक के बाद भारत और पोलैंड ने रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है। हालांकि, किसी नए ड्रोन सौदे की कीमत, संख्या या डिलीवरी की तारीख का आधिकारिक विवरण अभी सामने नहीं आया है। ऑपरेशन सिंदूर में Polish drones की भूमिका पर आए बयानों से दोनों देशों के सैन्य सहयोग की महत्व जरूर सामने आई है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि भारत और पोलैंड के बीच ड्रोन टेक्नोलॉजी के संयुक्त निर्माण और नई रक्षा परियोजनाओं पर आगे क्या मजबूत समझौते होते हैं। भारत की डिफेंस टेक्नोलॉजी और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़ी खबरों के लिए पढ़ते रहें InfoSagar.in — The Ocean of Information।