जाकिर नाइक का स्टिंग में बड़ा बयान: 'BJP गई तभी भारत लौटूंगा', मोदी से ज्यादा राहुल गांधी को बताया बेहतर!
Zakir Naik Sting Operation: भारत में कई गंभीर आरोपों का सामना कर रहे विवादित इस्लाम का ज्ञान बांटने वाले जाकिर नाइक का एक नया स्टिंग ऑपरेशन सामने आया है। Republic Media Network की 21 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, मलेशिया में हुई एक गुप्त बातचीत के दौरान नाइक ने साफ संकेत दिया कि जब तक केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार है, तब तक वह भारत लौटने के विचार में नहीं हैं।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नाइक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी और भारत की मौजूदा राजनीति को लेकर भी कई बातें कहीं। इस खुलासे के बाद उनकी भारत वापसी और प्रत्यर्पण को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है।
स्टिंग ऑपरेशन में जाकिर नाइक ने क्या कहा?
Republic Media Network के मुताबिक, उसके पत्रकार ने मलेशिया में जाकिर नाइक से गुप्त रूप से मुलाकात की। बातचीत के दौरान पत्रकार ने नाइक से पूछा कि वह भारत कब लौटेंगे। रिपोर्ट के अनुसार, नाइक ने जवाब दिया, "After BJP goes", यानी BJP के सत्ता से बाहर होने के बाद। नाइक ने कथित तौर पर 2029 के लोकसभा चुनाव और भारत में संभावित सत्ता परिवर्तन को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने राहुल गांधी को नरेंद्र मोदी से बेहतर बताया, हालांकि राहुल के राजनीतिक अनुभव को लेकर भी टिप्पणी की।
स्टिंग में नाइक की तरफ से कही गई इन बातों को Republic ने अपनी रिपोर्ट में प्रकाशित किया है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट के आधार पर यह साबित नहीं होता कि किसी भारतीय राजनीतिक पार्टी के साथ उनकी कोई अंदरूनी राजनीतिक योजना या समझौता है।
नरेंद्र मोदी की सरकार से जाकिर नाइक को क्या परेशानी?
जाकिर नाइक लंबे समय से मोदी सरकार और भारत की जांच एजेंसियों पर आरोप लगाते रहे हैं। उनका कहना है कि भारत में उनके खिलाफ दर्ज मामले राजनीतिक कारणों से प्रेरित हैं और उन्हें निष्पक्ष सुनवाई मिलने पर शक है। हालांकि, भारतीय जांच एजेंसियों का पक्ष इससे बिल्कुल अलग है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने नाइक और उनके संगठन Islamic Research Foundation (IRF) के खिलाफ धार्मिक समुदायों के बीच नफरत फैलाने और गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े आरोपों में मामला दर्ज किया था।
नाइक इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं।
दिलचस्प बात यह है कि नाइक ने 2019 में भी The Week को दिए इंटरव्यू में कहा था कि BJP के सत्ता में रहते वह भारत वापस नहीं आना चाहेंगे। यानी नया स्टिंग उनके पहले से सार्वजनिक राजनीतिक रुख की एक बार फिर पुष्टि करता दिखाई देता है।
कौन है जाकिर नाइक और भारत में क्यों है वांछित?
मुंबई में जन्मे जाकिर नाइक धार्मिक भाषणों और विभिन्न धर्मों की तुलना करने वाले अपने कार्यक्रमों के जरिए चर्चित हुए थे। लेकिन उनके कई बयानों को लेकर भारत में गंभीर विवाद खड़े हुए। 2016 में भारतीय अधिकारियों ने उनके संगठन IRF से जुड़ी गतिविधियों की जांच शुरू की। NIA ने नवंबर 2016 में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। जांच एजेंसी का आरोप है कि नाइक के भाषणों से धार्मिक समूहों के बीच दुश्मनी बढ़ाने और कट्टरपंथी विचारों को बढ़ावा देने की कोशिश हुई।
ED ने भी उनसे जुड़े वित्तीय लेनदेन को लेकर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच की है। हालांकि, नाइक ने खुद पर लगे आरोपों से इनकार किया है। NIA की सार्वजनिक जानकारी के अनुसार, उनके खिलाफ दर्ज प्रमुख मामले में ट्रायल शुरू हो चुका है।
मलेशिया में कैसे रह रहा है जाकिर नाइक?
जाकिर नाइक 2016 से मलेशिया में रह रहे हैं और उन्हें वहां स्थायी निवासी का दर्जा मिला हुआ है। भारत सरकार लंबे समय से उनके आत्मसमर्पण की कोशिश कर रही है, ताकि उन्हें भारतीय अदालतों के सामने पेश किया जा सके। सितंबर 2026 में मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने भी पुष्टि की थी कि भारत के साथ जाकिर नाइक के आत्मसमर्पण को लेकर बातचीत हुई है। उन्होंने बताया कि यह मुद्दा दोनों देशों के बीच निजी राजनयिक बातचीत का हिस्सा रहा है।
हालांकि, मलेशिया ने स्पष्ट किया है कि किसी भी आत्मसमर्पण अनुरोध पर फैसला कानूनी प्रक्रिया और उपलब्ध सबूतों के आधार पर ही लिया जाएगा। इसलिए केवल भारत की मांग या नाइक की राजनीतिक टिप्पणी से यह तय नहीं होगा कि उन्हें कब वापस भेजा जाएगा।
राहुल गांधी पर बयान के क्या हैं राजनीतिक मायने?
Republic के स्टिंग में जाकिर नाइक ने राहुल गांधी के प्रति नरेंद्र मोदी की तुलना में अधिक समर्थक राय व्यक्त की। इस बयान को लेकर राजनीतिक विवाद होना स्वाभाविक है, क्योंकि नाइक भारत में वांछित हैं और उनका नाम वर्षों से धार्मिक कट्टरता से जुड़े विवादों में आता रहा है।
क्या जाकिर नाइक को भारत वापस लाया जा सकता है?
भारत और मलेशिया के बीच जाकिर नाइक का प्रत्यर्पण लंबे समय से एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है। भारत का उद्देश्य उन्हें वापस लाकर लंबित कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है। लेकिन प्रत्यर्पण केवल किसी देश की राजनीतिक इच्छा से नहीं होता। इसमें दोनों देशों के कानून, प्रत्यर्पण समझौते, अपराधों की प्रकृति और संबंधित सबूतों की समीक्षा की जाती है।
जाकिर नाइक भले ही BJP सरकार रहते भारत वापस न आने की बात कह रहे हों, लेकिन कानूनी रूप से उनका प्रत्यर्पण उनकी व्यक्तिगत राजनीतिक पसंद पर निर्भर नहीं है। यदि मलेशिया की कानूनी प्रक्रिया के तहत भारत का प्रत्यर्पण अनुरोध स्वीकार होता है, तो उनकी स्वेच्छा के बिना भी वापसी का रास्ता खुल सकता है।
निष्कर्ष
Republic के नए स्टिंग ऑपरेशन ने जाकिर नाइक की भारत वापसी को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। नाइक ने कथित तौर पर स्पष्ट किया कि वह BJP सरकार के रहते भारत नहीं लौटना चाहते और राहुल गांधी को नरेंद्र मोदी से बेहतर मानते हैं। हालांकि, भारत सरकार के लिए मुख्य मुद्दा उनकी राजनीतिक पसंद नहीं, बल्कि उनके खिलाफ दर्ज गंभीर मामलों की कानूनी प्रक्रिया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि भारत और मलेशिया के बीच चल रही प्रत्यर्पण वार्ता क्या किसी ठोस नतीजे तक पहुंचेगी या जाकिर नाइक की भारत वापसी का मामला आगे भी अटका रहेगा? देश की राजनीति, राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय मामलों की ऐसी ही महत्वपूर्ण खबरों के लिए पढ़ते रहें InfoSagar.in — The Ocean of Information।